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केजरीवाल से भयभीत हैं मोदी ?

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“आम आदमी पार्टी और उसके नेता अरविंद केजरीवाल की भारी लोकप्रियता के बीच बीजेपी की तरफ से प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी की प्रसिद्धि कम हो गई है” ऐसा देश की सबसे बड़ी पार्टी कांग्रेस मानती है. कांग्रेस की मानें तो केजरीवाल की पार्टी की लोकप्रियता ने भाजपा के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार को परेशान कर दिया है.


अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के दिल्ली मामलों के प्रभारी शकील अहमद के अनुसार मोदी की कांग्रेस आलोचना तो समझ में आती है, लेकिन अब उन्होंने ‘आप’ की आलोचना भी शुरू कर दी है. गौरतलब है कि मोदी ने रविवार को ‘आप’ की आलोचना करते हुए पूछा था कि क्या सिर्फ टेलीविजन के स्क्रीन पर दिखाई देकर अच्छा बना जा सकता है या जमीन पर रचनात्मक विजन से?


इसका मतलब यह हुआ कि मोदी जिस कांग्रेस को अपने प्रधानमंत्री बनने में सबसे बड़ा रोड़ा समझते थे उसमें अब एक और पार्टी शामिल हो गई है, नाम है आम आदमी पार्टी. अब तक मोदी के भाषण में यूपीए सरकार खासकर कांग्रेस और उसके नेताओं की भ्रष्ट नीतियों को मुख्य मुद्दा बनाया जाता था अब उसमें ‘आप’ पर भी हमला करने की रणनीति बनाई जा रही है. हालांकि बीजेपी इस बात से इंकार करती है. वह मानने को तैयार नहीं है कि आम आदमी पार्टी मोदी के सामने रास्ते का रोड़ा बन चुकी है.


आज का मुद्दा

क्या आम आदमी पार्टी की बढ़ती लोकप्रियता भाजपा के लिए खतरे की घंटी है?


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5 प्रतिक्रिया

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नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

RS Jha "Vats" के द्वारा
January 13, 2014

जिस कदर इन दिनों आप आम आदमी का मसीहा बनकर दिल्ली का सल्तनत हासिल की उसी प्रकार लालू यादव गरीबो का मसीहा बनकर बिहार के राजनीती के धरातल प्रकट हुए थे और गरीबो का इतना ख्याल करने वाला शायद कलयुग में कोई न होता अगर चारा घोटाला का पर्दाफाश नहीं हो पाता क्यूंकि चारा पाठशाला उन्होंने गरीब -चरवाहा के लिए लेकर आये थे पर उसी के आध लेकर हज़ारो करोडो का घोटाला कर गए . उसी प्रकार इनदिनों आम आदमी पार्टी अस्तित्व में आयी हैं और थीड़े- थीड़े कर आम लोगों का मोह भंग होना शुरू हो गए जबकि अभीतक खाश लोग जो उनकी पार्टी में हैं उनको अंगुली पर गिने जा सकते हैं पर जिस तादाद में खाश लोगो का आने का भरमार हैं कहना कतई गलत नहीं होगा की आम सिर्फ नाम का ही रह जायेंगे पर आदमी खाश हो जायेंगे. बिलकुल लालू वाली हालत होगी केजरीवाल का, आज कांग्रेस उनके पीछे हैं कल कांग्रेस के पीछे वे होंगे क्यूंकि यही कांग्रेस की फार्मूला रहा शुरू से ही क़ि पहले सत्ता का भूख जगाओ फिर सत्ता के खातिर अपनी तलबे चटवाओ . इसलिए इतने कम समय आम आदमी जो खाश आदमी बन गए वे किसी के वज़ूद के लिए घातक नहीं हो सकते क्यूंकि आप को अभी खुदका वज़ूद और उसूल को निर्धारण करना शेष हैं .

RS Jha "Vats" के द्वारा
January 13, 2014

जिस कदर इन दिनों APP आम आदमी का मसीहा बनकर दिल्ली का सल्तनत हासिल की उसी प्रकार लालू यादव गरीबो का मसीहा बनकर बिहार के राजनीती के धरातल पर प्रकट हुए थे और गरीबो का इतना ख्याल करने वाला शायद कलयुग में कोई न होता अगर चारा घोटाला का पर्दाफाश नहीं हो पाता क्यूंकि चारा पाठशाला उन्होंने गरीब -चरवाहा के लिए लेकर आये थे पर उसी के आध लेकर हज़ारो करोडो का घोटाला कर गए . उसी प्रकार इनदिनों आम आदमी पार्टी अस्तित्व में आयी हैं और थीड़े- थीड़े कर आम लोगों का मोह भंग होना शुरू हो गए जबकि अभीतक खाश लोग जो उनकी पार्टी में हैं उनको अंगुली पर गिने जा सकते हैं पर जिस तादाद में खाश लोगो का आने का भरमार हैं कहना कतई गलत नहीं होगा की आम सिर्फ नाम का ही रह जायेंगे पर आदमी खाश हो जायेंगे. बिलकुल लालू वाली हालत होगी केजरीवाल का, आज कांग्रेस उनके पीछे हैं कल कांग्रेस के पीछे वे होंगे क्यूंकि यही कांग्रेस की फार्मूला रहा शुरू से ही क़ि पहले सत्ता का भूख जगाओ फिर सत्ता के खातिर अपनी तलबे चटवाओ . इसलिए इतने कम समय आम आदमी जो खाश आदमी बन गए वे किसी के वज़ूद के लिए घातक नहीं हो सकते क्यूंकि आप को अभी खुदका वज़ूद और उसूल को निर्धारण करना शेष हैं .

avdhesh के द्वारा
January 14, 2014

आम आदमी पार्टी दरअसल कांग्रेस का ही दूसरा रूप है ! ये पहली बार नहीं है कि कोई पार्टी लोकलुभावन वायदो के साथ सत्ता में आयी है ! इससे पहले भी हरयाणा में ताऊ देवी लाल भी मुफ्त बिजली देने का वायदा करके सत्ता में आये थे ! उनका क्या हुआ सबको अंजाम मालुम है ! श्री लालू प्रशाद यादव भी ऐसी ही राजनीती के बड़े उद्दहरण है ! नए नए राजनीती में आये है ! कहते है नया नया मुल्ला ज्यादा तेज नमाज पढता है ! इंसिलिये कुछ ऐसे निर्णय ले रहे है जो व्यावारिक नहीं कहे जा सकते ! दिल्ली कि समस्या मुफ्त बिजली पानी देने कि बजाय सभी को बिजली और पानी उपलब्ध करवाना है ! लोगो ने केजरीवाल को कांग्रेस के खिलाफ मत दिया था और इन्होने उन्ही के साथ मिलकर सरकार बनाकर लोगो को धोखा दिया है ! कुछ लोगो का मोह तो जरूर भंग हुआ होगा ! लेकिन अभी भी कुछ लोग ऐसे है जिन्हे हम अंध भगत कह सकते है ! जो कि इस देश का दुर्भाग्य है ! ये पार्टी कोई सीट जीते या नहीं लेकिन इतना जरूर है कि कुछ अंधे लोगो कि वजह से कांग्रेस को जरूर फायदा होगा ! ……….. अवधेश राणा !!

Acharya Vijay Gunjan के द्वारा
January 14, 2014

शुरू से ही भाजपा मन मसोसकर ऊपर-ऊपर से यह दिखाबा कर रही थी कि ‘आप ‘ से उसे कोई भय नहीं है पर बात वैसी नहीं थी वो तो शुरू से उसे यह ज्ञात था ! नीचे की प्रतिक्रया पूर्वाग्रह से पीड़ित की सी लगती है ! मोदी का इस बार प्रधानमंत्री बनना प्रायः तय था पर केजरीवाल ने पूरी तस्बीर ही बदल डाली !

kavita1980 के द्वारा
February 12, 2014

बिना शक –केजरीवाल जी की बढ़ती हुई लोकप्रियता या आम आदमी पार्टी की लोकप्रियता के चढ़ते हुए ग्राफ ने भाजपा को परेशान तो कर ही दिया है। उपरोक्त दोनों ही पार्टियां “वन मन शो “हैंजो एक व्यक्ति के चलते अस्तित्व में बनी रही और वापस आई। काँग्रेस के घोटालों और भ्रष्टाचार तथा मंहगाई से परेशान जनता को मोदी जी में एक अच्छा नायक नज़र आया है ,जिसनेजहां भी नेतृत्व लिया है उसमें विकास ही दिखाई दिया है । उनकी दृढ़ता हमें ये आशा दिलाती है की वो देश के आंतरिक या सुरक्षा संबन्धितअथवा आर्थिक ,विदेश नीति को वापस सुधारने में सक्षम होंगे परंतु उनके बिना यहीअपेक्षा भाजपा से नही की जा सकती ;जिसकी दुर्व्यवस्था के हम सभी साक्षी रहे हैं । दूसरी तरफ आप” में केजरीवाल जी आम जनता को ये भरोसा दिलाने में सफल हुए की वो पूरी तरह भ्रष्टाचार के खिलाफ हैं ,परंतु यह भी सच है की अरविंद जी का लक्ष्य सिर्फदिल्ली की गद्दी सम्हालना नही था, वो चुनाव उनके लिए सिर्फ एक प्लैटफ़ार्म था, खुद को साबित करने का ;परंतु परिणाम उनकी भी आशा से बेहतर आए और न चाहते हुए भी उन्हें जनादेश को मन कर मुख्यमंत्री पद सम्हालना पड़ा, यहाँ तक भाजपा को इनसे खतरा महसूस नही हुआ परंतु अपनी महत्वाकांक्षाओं के चलते अरविंद जी ने हर जगह भाजपा के समानांतर अपने भी कंडीडेट्स खड़े करने का जो निर्णय लिया उसने भाजपा के खेमे में हलचल मचा दी है । बहुत सी सोशल साइट्स पर जा कर देखें तो जो युद्ध इन दोनों पार्टियों में दिखाई दिया उसने इन दोनों को आपस में एक दूसरे का प्रतिदवादी बना दिया । दरअसल दोनों का जनाधार एक ही जगह से आता है- कुशासन से ऊबी हुई जनता; जिसमें वो कुछ तबके ,जो जो धार्मिक भ्रांतियोंकी वजह से ध्रुव भाजपा विरोधी हैं तथाकुछ जो जातिगतअंधसमर्थन के कारण भाजपा को वोट नही करसकते परंतु अपनी पार्टी के क्रिया कलापों से खुद को छला हुआ महसूस करते हैं –वो अपने को आप से जोड़ने में अधिक सुविधाजनक महसूस करते हैं ;बाकी बचे जनाधार जिस्पर भाजपा अपना अधिकार समझ रही थी उसे भी अरविंद जी का भ्रष्टाचार मुक्त समाज का नारा लुभा रहा है कुल मिला कर देखा जाये तो आप भाजपा को हराकर सरकार बनाने की स्थिति में तो नही है क्योंकि मोदी जी के व्यक्तित्व और विकासपुरुष की छवि अभी भी सबके ऊपर भारी है । उनकेवादे, सपना नही यथार्थ हैं जो विवेक शील लोगों को उनमें उम्मीद दिलाता है । वही अरविंद जी के आदर्शवाद में अनुभवहीनता तथा कोरा आदरर्श लोगो को नज़र आता है- तो भीलब्बो लुआब ये माना जसकता है की आप भाजपा कोपूर्ण बहुमत में नही आने देगी और काफी नुकसान पहुंचाएगी । मोदी जी का अपने भाषण में आप” को निशाना बनाना इसी बात का द्योतक है क्योंकि सामान्य परिस्थितियों में मोदी जी  जैसा राजनीति का सुलझा हुआ खिलाड़ी छोटे मोटे झनझावातों को वज़न नही देता ।


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